हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियां सुरक्षित? सरकार ने जारी किया नया ड्राफ्ट, स्टेकहोल्डर्स से 30 दिन में मांगे सुझाव

सरकार हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियों की सुरक्षा के नए नियमों को लेकर आने की तैयारी में है. सरकार ने इसके लिए नया ड्राफ्ट भी जारी किया है. साथ में स्टेकहोल्डर्स से भी सुझाव मांगें हैं.
हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियां सुरक्षित? सरकार ने जारी किया नया ड्राफ्ट, स्टेकहोल्डर्स से 30 दिन में मांगे सुझाव

हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियों की सुरक्षा के नए नियम, ड्राफ्ट जारी (फोटो- पीटीआई)

देश में क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने कंप्रेस्ड गैस हाइड्रोजन फ्यूल सेल और हाइड्रोजन से चलने वाले इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाहनों के लिए सेफ्टी और अप्रूवल से जुड़े नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है.

इस ड्राफ्ट पर सभी स्टेकहोल्डर्स से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं. यह कदम भारत में हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी को सुरक्षित और स्टैंडर्डाइज्ड बनाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.

Add Zee Business as a Preferred Source

क्या हैं ड्राफ्ट के प्रमुख प्रावधान?

सरकार के ड्राफ्ट के मुताबिक, हाइड्रोजन से चलने वाले इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाहनों के लिए टाइप अप्रूवल (Type Approval) के सेफ्टी और प्रोसीजरल नियम AIS 195:2023 के तहत तय किए जाएंगे. समय-समय पर इसमें संशोधन भी लागू होंगे.

इसके साथ ही, इन वाहनों में इस्तेमाल होने वाले हाइड्रोजन फ्यूल के स्पेसिफिकेशन IS 16061:2021 के अनुरूप होने जरूरी होंगे.

कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल्स के लिए अलग नियम

ड्राफ्ट में कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल्स (Construction Equipment Vehicles) के लिए भी अलग से प्रावधान किए गए हैं. ऐसे वाहनों के लिए सेफ्टी और अप्रूवल के नियम AIS 195A:2024 के अनुसार लागू होंगे. यहां भी फ्यूल स्पेसिफिकेशन के लिए IS 16061:2021 को ही फॉलो करना होगा.

फ्यूल सेल व्हीकल्स के लिए क्या नियम?

  • हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले वाहनों के लिए भी सरकार ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं.
  • Category M और Category N के मोटर व्हीकल्स (जैसे पैसेंजर और कमर्शियल वाहन) के लिए टाइप अप्रूवल नियम AIS 157:2020 के तहत होंगे.
  • वहीं, इन वाहनों में इस्तेमाल होने वाले हाइड्रोजन फ्यूल की गुणवत्ता ISO 14687 के अनुसार तय की जाएगी.

Construction Equipment Vehicles (Fuel Cell) के लिए प्रावधान

  • हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल्स के लिए AIS 157A:2024 लागू होगा.
  • यहां भी फ्यूल क्वालिटी के लिए ISO 14687 स्टैंडर्ड को अनिवार्य किया गया है.

टू-व्हीलर और छोटे वाहनों के लिए भी नियम

  • सरकार ने Category L (जैसे टू-व्हीलर और छोटे वाहन) के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं.
  • इन वाहनों के लिए सेफ्टी और अप्रूवल नियम AIS 206:2024 के तहत लागू होंगे.
  • फ्यूल स्पेसिफिकेशन के लिए IS 14687 या IS 16061:2021 में से जो लागू हो, उसे फॉलो करना होगा.

क्यों अहम है यह कदम?

भारत तेजी से ग्रीन एनर्जी और वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ रहा है. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के साथ-साथ हाइड्रोजन भी भविष्य का बड़ा फ्यूल माना जा रहा है.

हालांकि, हाइड्रोजन एक अत्यधिक ज्वलनशील गैस है, ऐसे में इसकी सुरक्षा और स्टोरेज बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. यही वजह है कि सरकार पहले से ही सख्त सेफ्टी फ्रेमवर्क तैयार करना चाहती है.

Zee Business Hindi Live TV यहां देखें

इंडस्ट्री पर क्या होगा असर?

इन नियमों के लागू होने से ऑटोमोबाइल कंपनियों को स्पष्ट गाइडलाइंस मिलेंगी, जिससे वे हाइड्रोजन आधारित वाहनों के डेवलपमेंट और लॉन्च को तेज कर सकेंगी. साथ ही, निवेशकों और मैन्युफैक्चरर्स का भरोसा भी बढ़ेगा, क्योंकि सेफ्टी स्टैंडर्ड पहले से तय होंगे.

क्या करें स्टेकहोल्डर्स?

सरकार ने इस ड्राफ्ट पर सभी संबंधित पक्षों—ऑटो कंपनियों, इंडस्ट्री बॉडीज, एक्सपर्ट्स और आम लोगों—से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. इन फीडबैक के आधार पर फाइनल नियम तैयार किए जाएंगे, जो भविष्य में हाइड्रोजन मोबिलिटी के रोडमैप को तय करेंगे.

कुल मिलाकर, यह ड्राफ्ट भारत में हाइड्रोजन फ्यूल बेस्ड व्हीकल्स के लिए एक मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, जो आने वाले समय में ग्रीन और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को नई रफ्तार दे सकता है.

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1. सरकार ने हाइड्रोजन व्हीकल्स पर ड्राफ्ट क्यों जारी किया है?

क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने और सेफ्टी स्टैंडर्ड तय करने के लिए यह ड्राफ्ट लाया गया है.

2. हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों के लिए कौन से स्टैंडर्ड लागू होंगे?

ICE वाहनों के लिए AIS 195:2023 और फ्यूल सेल वाहनों के लिए AIS 157:2020 जैसे स्टैंडर्ड लागू होंगे.

3. हाइड्रोजन फ्यूल की क्वालिटी किन मानकों पर तय होगी?

फ्यूल स्पेसिफिकेशन IS 16061:2021 और ISO 14687 के अनुसार तय किए गए हैं.

4. क्या यह नियम सभी तरह के वाहनों पर लागू होंगे?

हां, इसमें पैसेंजर, कमर्शियल, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और टू-व्हीलर (Category L) सभी शामिल हैं.

5. स्टेकहोल्डर्स को क्या करना होगा?

ड्राफ्ट पर 30 दिनों के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां सरकार को भेजनी होंगी.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6