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सरकार की मिड रेंज कार में (3 लाख से 7-8 लाख रुपये तक) में सेफ्टी फीचर्स बढ़ाने पर विचार होगा. (tata motors)
भारत में आने वाले समय में कारें ज्यादा सुरक्षित (Car safety) होने वाली हैं. सरकार कार में सेफ्टी को तरजीह देते हुए नई सेफ्टी पॉलिसी पर काम कर रही है. इसके तहत आने वाले दिनों में कारों में कुल छह एयरबैग (6 airbag in car rules in India) होंगे. इस संबंध में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अगले महीने एक जरूरी मीटिंग बुलाई है. इस मीटिंग की अध्यक्षता गडकरी ही करेंगे. फिलहाल कारों में दो एयरबैग लगाने का नियम है.
मिड रेंज कारों पर है फोकस
खबर के मुताबिक, इस मीटिंग में मिड रेंज कारों में 6 एयरबैग्स लगाने पर चर्चा हो सकती है. हालांकि इस पर इंडस्ट्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार अगर ऐसा फैसला लागू करती है तो गाड़ियां महंगी हो जाएंगी. ऑटो इंडस्ट्री का संकट और बढ़ेगा. फिलहाल इस तरह के नियम लागू करने का सही वक्त नहीं है. मिड सेगमेंट में मारुति, Hyundai बड़ी प्लेयर हैं.
सिर्फ महंगी नहीं बल्कि मिड रेंज कार में भी हो सुरक्षा उपाय
इस मुद्दे पर होने वाली मीटिंग में ऑटो निर्माताओं के अलावा हेवी व्हीकल इंडस्ट्री के अधिकारी भी मौजूद होंगे. कहा जा रहा है कि सरकार की मिड रेंज कार में (3 लाख से 7-8 लाख रुपये तक) में सेफ्टी फीचर्स बढ़ाने पर विचार होगा. विशेष तौर पर एयर बैग्स को जरूरी करने पर विचार होगा. सरकार चाहती है कि सिर्फ महंगी नहीं बल्कि मिड रेंज कार में भी एयर बैग्स जैसे सेफ्टी फीचर्स जरूरी हैं.
चिप Shortage से दबाव बढ़ेगा
मिड सेगमेंट में मारुति सुजुकी और हुंडई का कुल मार्केट शेयर करीब 70% है. ऑटोमोबाइल कंपनियों का कहना है कि चिप Shortage से दबाव इंडस्ट्री के लिए बड़ा dent हो सकता है. भारत में कई कंपनियों की कारों को सेफ्टी की अच्छी रेटिंग भी मिली हुई है, जबकि कई कारों को असुरक्षित भी बताया गया है.