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भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर ने अक्टूबर 2025 में एक नया इतिहास रच दिया. देश की पैसेंजर व्हीकल (PV) इंडस्ट्री ने अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री दर्ज की है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बताया कि हाल ही में की गई GST दरों में कटौती और त्योहारी सीजन की मजबूत मांग की वजह से कार बिक्री में भारी उछाल देखने को मिला.
उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में घरेलू बाजार में पैसेंजर व्हीकल्स की थोक बिक्री (wholesales) 17.23% बढ़कर 4,70,227 यूनिट पहुंच गई. पिछले साल अक्टूबर 2024 में यह आंकड़ा 4,01,105 यूनिट था. इस तरह, भारतीय ऑटो इंडस्ट्री ने न केवल साल-दर-साल मजबूत ग्रोथ दिखाई, बल्कि अब तक की अपनी सबसे बड़ी मासिक बिक्री का रिकॉर्ड भी बनाया.
वित्त मंत्री ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अक्टूबर में भारत की पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री ने अब तक की सबसे बड़ी बिक्री दर्ज की है. यह सफलता GST दरों में कटौती और त्योहारों की जोरदार मांग की वजह से संभव हुई.” उन्होंने आगे कहा कि यह प्रदर्शन जनवरी 2025 के पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर गया है, जब कुल 4,05,522 यूनिट की बिक्री हुई थी.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि हाल ही में सरकार द्वारा की गई GST रेट रेशनलाइजेशन यानी कर दरों में कमी ने कार बिक्री को नया बल दिया है. कम टैक्स दरों की वजह से कारों की कीमतें थोड़ी कम हुईं, जिससे ग्राहकों की खरीदारी बढ़ी. साथ ही, ऑटो कंपनियों ने फेस्टिव ऑफर्स और फाइनेंस स्कीम्स के जरिए ग्राहकों को आकर्षित किया, जिससे बिक्री में रिकॉर्ड उछाल आया.
ऑटो इंडस्ट्री के बड़े नामों ने अक्टूबर में शानदार प्रदर्शन किया.
1. Kia India
किया इंडिया ने अक्टूबर में 29,556 यूनिट्स की बिक्री की, जो कंपनी के भारत में प्रवेश के बाद से अब तक का सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन है.
2. Skoda Auto India
स्कोडा ने 8,252 यूनिट्स बेचीं, जो कंपनी की भारत में अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री है.
3. Nissan Motor India
निसान मोटर इंडिया ने 9,675 यूनिट्स की बिक्री की, जो महीने-दर-महीने (MoM) आधार पर 45% की ग्रोथ है.
4. Mahindra Trucks and Buses
महिंद्रा के ट्रक्स और बस बिजनेस की कुल बिक्री, एक्सपोर्ट सहित, 2,034 यूनिट्स रही. कंपनी का कहना है कि त्योहारों के दौरान ट्रांसपोर्ट सेक्टर में बढ़ती मांग का सीधा फायदा मिला.
अक्टूबर में नवरात्रि और दशहरा जैसे बड़े त्योहारों के कारण ग्राहकों की खरीदारी में उछाल देखा गया. डीलरशिप नेटवर्क्स से मिली रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकांश कार शोरूम पर भारी भीड़ रही और कई लोकप्रिय मॉडलों की वेटिंग लिस्ट दो से तीन हफ्ते तक बढ़ गई.
ऑटो एनालिस्ट्स का कहना है कि ग्राहक अब महामारी के बाद फिर से खर्च करने के मूड में हैं.
कम ब्याज दरों वाले फाइनेंस ऑफर और ट्रेड-इन स्कीम्स ने भी खरीदारी को बढ़ावा दिया है.
विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रेंड केवल बिक्री का आंकड़ा नहीं, बल्कि यह इंडियन इकॉनमी में कंज्यूमर कॉन्फिडेंस (consumer confidence) के मजबूत होने का संकेत भी है. कम GST, बढ़ता रोजगार और स्थिर इनकम लेवल ने ग्राहकों को बड़े खरीद निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया है.
अक्टूबर का यह प्रदर्शन यह दिखाता है कि भारतीय ऑटो इंडस्ट्री फिर से ग्रोथ मोड में लौट आई है. वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि यह सफलता भारत की आर्थिक नीतियों और कर सुधारों के सही असर का प्रमाण है. उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह रफ्तार दिसंबर तक बनी रही तो FY2025-26 के अंत तक भारत का पैसेंजर व्हीकल बाजार नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है.
Q1. अक्टूबर 2025 में कितनी कारें बिकीं?
कुल 4,70,227 पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में 17.23% ज्यादा है.
Q2. बिक्री में बढ़ोतरी की मुख्य वजह क्या रही?
GST दरों में कटौती और त्योहारों की बढ़ती मांग मुख्य कारण रहे.
Q3. किन कंपनियों ने रिकॉर्ड बिक्री की?
Kia India, Skoda Auto, Nissan Motor India और Mahindra Trucks & Buses ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया.
Q4. पिछला रिकॉर्ड क्या था?
जनवरी 2025 में 4,05,522 यूनिट की बिक्री का रिकॉर्ड था, जिसे अक्टूबर में तोड़ दिया गया.
Q5. क्या आने वाले महीनों में यह रफ्तार बनी रहेगी?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आर्थिक माहौल स्थिर रहा तो नवंबर-दिसंबर में भी यह ग्रोथ जारी रह सकती है.