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पॉलिसीधारक ने एक नई गाड़ी खरीदी थी जिसका अस्थायी रजिस्ट्रेशन था. (फोटो: एएनआई)
Insurance claim: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (30 सितंबर, 2021) को कहा कि अगर किसी गाड़ी का वैलिड रजिस्ट्रेशन नहीं है, तो बीमा कंपनी दावे को खारिज कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा बिना रजिस्ट्रेशन वाहन का इस्तेमाल बीमा के अनुबंध के नियमों और शर्तों का मौलिक उल्लंघन होगा. गाड़ी चोरी के लिए बीमा (Insurance) क्लेम का भुगतान वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ये बात कही.
जस्टिस यू.यू. ललित, जस्टिस एस. रवींद्र भट और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की बेंचने कहा कि, इस अदालत की यह कानूनी राय महत्वपूर्ण है कि जब एक बीमा योग्य घटना, जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से देयता (liability) होती है, तो इसमें इंश्योरेंस कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए. इसमें सुशील कुमार गोदारा को 6,17,800 रुपये का भुगतान करने के राजस्थान राज्य आयोग के आदेश को चुनौती दी गई थी.
क्या है मामला
इस मामले में पॉलिसीधारक ने एक नई गाड़ी खरीदी थी जिसका अस्थायी रजिस्ट्रेशन था. रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बाद, उन्होंने अपने शहर के बाहर यात्रा की. गाड़ी गेस्ट हाउस कैंपस के बाहर खड़ी थी जहां से वो चोरी हो गई. उन्होंने बीमा का दावा किया लेकिन इस आधार पर इसे अस्वीकार कर दिया गया कि गाड़ी का अस्थायी पंजीकरण खत्म हो गया है. इसके बाद, उन्होंने जिला फोरम से संपर्क किया और बीमाकर्ता को वाहन के लिए 1,40,000 रुपये के किराए की राशि के साथ बीमा राशि का भुगतान करने का निर्देश देने की मांग की.
गाड़ी का नहीं था वैलिड रजिस्ट्रेशन
बेंच ने कहा कि चोरी की तारीख को गाड़ी बिना वैलिड रजिस्ट्रेशन के चलाया गया था, जो मोटर वाहन अधिनियम का साफ तौर से उल्लंघन है. इसका परिणाम नियमों और शर्तों का एक मौलिक उल्लंघन है. जैसा कि इस अदालत द्वारा नरिंदर सिंह (सुप्रा) के मामले में कहा गया, बीमाकर्ता को पॉलिसी अस्वीकार करने का अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) के फैसले को रद्द कर दिया.
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