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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा फोकस ऑटोमोबाइल उद्योग के विकास को बढ़ावा देने, रोजगार के मौके बढ़ाने और बाजार का आकार बड़ा करने पर है.
इसके साथ ही, उन्होंने उन विदेशी ऑटो कंपनियों पर भी निशाना साधा जो भारत में अपना कारोबार शुरू तो करती हैं, लेकिन कुछ समय बाद अचानक काम बंद करके चली जाती हैं, जिससे ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, पीयूष गोयल ने कहा कि ऑटोमोबाइल डीलर ग्राहकों और कंपनियों के बीच एक अहम पुल का काम करते हैं. कंपनी की साख इस बात पर निर्भर करती है कि डीलर ग्राहकों को कैसी सर्विस देते हैं.
उन्होंने उन मामलों पर चिंता जताई जहां विदेशी कंपनियां भारत से अपना ऑपरेशन बंद कर देती हैं, जिससे उनके प्रोडक्ट्स खरीदने वाले ग्राहकों को आफ्टर-सेल्स सर्विस और स्पेयर पार्ट्स के लिए भटकना पड़ता है. इस समस्या से निपटने के लिए, गोयल ने एक नया फ्रेमवर्क या चार्टर बनाने का सुझाव दिया.
इस नियम के तहत, भारत में काम करने वाली सभी कंपनियों को यह वादा करना होगा कि अगर वे अपना ऑपरेशन बंद करना चाहती हैं, तो उन्हें एक निश्चित समय तक देश में अपनी मौजूदगी बनाए रखनी होगी और ग्राहकों को आफ्टर-सेल्स सपोर्ट देना जारी रखना होगा. इससे ग्राहकों की परेशानी कम होगी और पूरे ऑटोमोबाइल सेक्टर पर उनका भरोसा बढ़ेगा.
केंद्रीय मंत्री ने यह भी खुशखबरी दी कि हाल ही में हुए GST सुधार का फायदा 22 सितंबर से ग्राहकों को दिया जाएगा, जिससे गाड़ियां और भी सस्ती हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत समर्थन देना है ताकि बाजार का विस्तार हो और सप्लाई चेन मजबूत बने.
पीयूष गोयल ने ऑटोमोबाइल सेक्टर से आग्रह किया कि वे स्वदेशी और 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दें. उन्होंने कहा कि भारत कई विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) पर बातचीत कर रहा है, जिससे वैश्विक कंपनियों से निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा निष्पक्ष होनी चाहिए क्योंकि इससे प्रोडक्ट्स की क्वालिटी और ग्राहकों के पास मौजूद विकल्पों में सुधार होता है. जब ग्लोबल कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में टेस्ट करेंगी तो मैन्युफैक्चरिंग में अपने-आप ग्रोथ होगी और एक बड़े निवेश को बढ़ावा मिलेगा. ये कदम न केवल भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार को और मजबूत करेगा, बल्कि ग्राहकों के अधिकारों की भी रक्षा करेगा, जिससे उनका अनुभव बेहतर होगा.
1. सरकार ऑटो कंपनियों के लिए क्या नया नियम बना रही है?
सरकार एक नया फ्रेमवर्क बना रही है जिसके तहत भारत में कारोबार बंद करने वाली कंपनियों को एक निश्चित अवधि तक ग्राहकों को आफ्टर-सेल्स सर्विस और सपोर्ट देना होगा.
2. इस नियम से ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
जिन लोगों ने ऐसी कंपनियों की गाड़ियां खरीदी हैं जो देश छोड़कर चली गई हैं, उन्हें स्पेयर पार्ट्स और सर्विस के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.
3. पीयूष गोयल ने यह घोषणा कहां की?
ये घोषणा फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के सातवें ऑटो रिटेल कॉन्क्लेव में की गई.
4. GST कटौती का फायदा ग्राहकों को कब से मिलेगा?
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, GST सुधार का लाभ 22 सितंबर से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा, जिससे गाड़ियां सस्ती होंगी.
5. सरकार 'मेड इन इंडिया' को कैसे बढ़ावा दे रही है?
सरकार मुक्त व्यापार समझौतों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के जरिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत कर रही है ताकि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिल सके.
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