फरवरी में ऑटो सेल्स ने दिखाई डबल डिजिट ग्रोथ, SIAM की रिपोर्ट में खुलासा, बताया - मिडिल ईस्ट क्राइसिस का कितना असर?

SIAM की एक ताजा रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि फरवरी 2026 में ऑटो सेल्स की बिक्री जबरदस्त रही है. डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है.
फरवरी में ऑटो सेल्स ने दिखाई डबल डिजिट ग्रोथ, SIAM की रिपोर्ट में खुलासा, बताया - मिडिल ईस्ट क्राइसिस का कितना असर?

भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए फरवरी 2026 का महीना काफी मजबूत रहा. पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया और सालाना आधार पर डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई. इंडस्ट्री बॉडी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्र (SIAM) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक फरवरी 2026 में ऑटो सेक्टर की कुल उत्पादन संख्या 28,64,612 यूनिट रही.

हालांकि इंडस्ट्री के लिए एक चिंता की बात भी सामने आई है. पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव का असर सप्लाई चेन और एक्सपोर्ट पर पड़ सकता है, जिस पर ऑटो कंपनियां नजर बनाए हुए हैं.

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फरवरी में कुल उत्पादन 28.64 लाख यूनिट

  • SIAM के डेटा के अनुसार फरवरी 2026 में पैसेंजर व्हीकल, थ्री-व्हीलर, टू-व्हीलर और क्वाड्रिसाइकिल को मिलाकर कुल उत्पादन 28,64,612 यूनिट रहा.
  • ऑटो सेक्टर में उत्पादन का यह आंकड़ा दिखाता है कि इंडस्ट्री में मांग मजबूत बनी हुई है और कंपनियां लगातार उत्पादन बढ़ा रही हैं.
  • पैसेंजर व्हीकल बिक्री में 10% से ज्यादा की बढ़त
  • फरवरी 2026 में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने मजबूत प्रदर्शन किया.
  • इस दौरान कुल 4,17,705 यूनिट पैसेंजर व्हीकल की बिक्री हुई.
  • यह आंकड़ा फरवरी 2025 के मुकाबले करीब 10.6% की बढ़त दिखाता है.

भारत में SUV और प्रीमियम कारों की बढ़ती मांग इस ग्रोथ की बड़ी वजह मानी जा रही है. इसके अलावा बेहतर फाइनेंसिंग विकल्प और नए मॉडल लॉन्च होने से भी मांग को सपोर्ट मिला है.

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थ्री-व्हीलर सेगमेंट में कैसी रही परफॉर्मेंस?

थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया. फरवरी 2026 में कुल 74,573 यूनिट थ्री-व्हीलर की बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 29% की बढ़त दर्शाती है. इस सेगमेंट में पैसेंजर कैरियर, गुड्स कैरियर और ई-रिक्शा की मांग में तेजी देखने को मिली. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की बढ़ती जरूरत इस सेगमेंट को सपोर्ट कर रही है.

  • पैसेंजर कैरियर: 60,013 यूनिट
  • गुड्स कैरियर: 13,271 यूनिट
  • ई-रिक्शा: 890 यूनिट
  • ई-कार्ट: 399 यूनिट

टू-व्हीलर सेगमेंट में सबसे ज्यादा बिक्री

फरवरी 2026 में सबसे ज्यादा ग्रोथ टू-व्हीलर सेगमेंट में देखने को मिली.
इस दौरान कुल 18,71,406 यूनिट टू-व्हीलर की बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 35.2% ज्यादा है.

टू-व्हीलर सेगमेंट के अलग-अलग कैटेगरी का प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा:

  • स्कूटर: 7,29,774 यूनिट (42.3% ग्रोथ)
  • मोटरसाइकिल: 10,96,537 यूनिट (30.8% ग्रोथ)
  • मोपेड: 45,095 यूनिट (34.3% ग्रोथ)

SIAM ने क्या कहा?

फरवरी 2026 के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए राजेश मेनन ने कहा कि ऑटो इंडस्ट्री में सकारात्मक माहौल बना हुआ है. उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 में पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में फरवरी महीने की अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की गई है.

उनके मुताबिक फरवरी 2026 में 4.18 लाख पैसेंजर व्हीकल की बिक्री हुई, जो फरवरी 2025 के मुकाबले 10.6% ज्यादा है. वहीं थ्री-व्हीलर सेगमेंट में 29% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई और टू-व्हीलर बिक्री में 35.2% की बढ़त रही.

फेस्टिवल का मिल सकता है सपोर्ट

ऑटो इंडस्ट्री को उम्मीद है कि मार्च महीने में भी मांग मजबूत बनी रह सकती है. देश के कई हिस्सों में त्योहारों का सीजन होने की वजह से ऑटोमोबाइल की मांग बढ़ने की संभावना रहती है. आमतौर पर इस दौरान नई गाड़ियों की खरीदारी में तेजी देखने को मिलती है.

मिडिल ईस्ट संकट से सप्लाई चेन पर नजर

  • इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा जोखिम पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है.
  • SIAM के मुताबिक अगर यह संकट लंबा चलता है तो सप्लाई चेन और एक्सपोर्ट पर असर पड़ सकता है.
  • मिडिल ईस्ट क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का अहम केंद्र है. अगर वहां अस्थिरता बढ़ती है तो लॉजिस्टिक्स, कच्चे माल की कीमत और शिपिंग लागत पर असर पड़ सकता है.
  • इसी वजह से ऑटो कंपनियां भू-राजनीतिक हालात पर करीबी नजर रख रही हैं.

इंडस्ट्री के लिए क्या संकेत?

  • फरवरी 2026 के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में मांग मजबूत बनी हुई है.
  • पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में प्रीमियमाइजेशन ट्रेंड, टू-व्हीलर में ग्रामीण मांग की वापसी और थ्री-व्हीलर में लास्ट-माइल मोबिलिटी की जरूरत इंडस्ट्री को आगे बढ़ा रही है.
  • हालांकि वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और सप्लाई चेन से जुड़े जोखिमों पर नजर रखना भी जरूरी होगा.

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1. फरवरी 2026 में कुल ऑटो उत्पादन कितना रहा?

फरवरी 2026 में कुल ऑटो उत्पादन 28,64,612 यूनिट रहा.

2. पैसेंजर व्हीकल बिक्री कितनी रही?

फरवरी 2026 में 4,17,705 पैसेंजर व्हीकल बिके.

3. थ्री-व्हीलर बिक्री में कितनी ग्रोथ हुई?

फरवरी 2026 में थ्री-व्हीलर बिक्री में करीब 29% की ग्रोथ दर्ज हुई.

4. टू-व्हीलर बिक्री कितनी रही?

फरवरी 2026 में 18,71,406 टू-व्हीलर की बिक्री हुई.

5. इंडस्ट्री के सामने सबसे बड़ा जोखिम क्या है?

मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव सप्लाई चेन और एक्सपोर्ट को प्रभावित कर सकता है.

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