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ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए सरकार की तरफ से एक अहम संकेत आया हैय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके तहत अब देश में बनने या बिकने वाली हर तरह की गाड़ियों के प्रोटोटाइप की जांच जरूरी होगी. साफ शब्दों में कहें तो अब बिना सरकारी एजेंसी से सर्टिफिकेट लिए किसी भी वाहन का उत्पादन या बिक्री संभव नहीं होगी.
सरकार सभी वाहन जांच एजेंसियों को AIS (Automotive Industry Standard) के अनुरूप अपग्रेड करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि टेस्टिंग सिस्टम ज्यादा मजबूत और एक जैसा हो सके.
जवाब: MoRTH ने जारी किया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन

प्रोटोटाइप की जांच इसलिए जरूरी है ताकि यह पक्का हो सके कि गाड़ी चलाने में सुरक्षित है, सही माइलेज देती है और लंबे समय तक बिना दिक्कत के चल सकती है. सबसे पहले सेफ्टी टेस्ट किए जाते हैं. इसमें देखा जाता है कि एक्सीडेंट होने पर एयरबैग, ABS और सीट बेल्ट ठीक से काम करते हैं या नहीं. इसके बाद परफॉर्मेंस टेस्ट होता है, जिसमें गाड़ी की स्पीड, पावर और ईंधन खपत को परखा जाता है.

जांच के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं.क्रैश टेस्ट में गाड़ी को तेज रफ्तार में टकराकर देखा जाता है. रोड टेस्ट में असली सड़कों पर चलाकर कमियां पकड़ी जाती हैं. वहीं, पर्यावरण परीक्षण में कंपन और तापमान का असर देखा जाता है.
नए नियमों से गाड़ियों की गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरण मानकों पर सख्ती बढ़ेगी, लेकिन ऑटो कंपनियों के लिए नियमों का पालन करना और जरूरी हो जाएगा.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 गाड़ियों के प्रोटोटाइप की जांच किसने जरूरी की है?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इसके लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है.
Q2 प्रोटोटाइप की जांच क्यों जरूरी होती है?
ताकि गाड़ी की सुरक्षा, परफॉर्मेंस, गुणवत्ता और भरोसेमंद होने की पुष्टि की जा सके.
Q3 कौन-कौन से टेस्ट प्रोटोटाइप पर किए जाते हैं?
क्रैश टेस्ट, रोड टेस्ट, पर्यावरण परीक्षण और सॉफ्टवेयर/इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की जांच की जाती है.
Q4 E20 एमिशन टेस्ट सर्टिफिकेट किसके लिए जरूरी होगा?
अब सभी इम्पोर्टेड गाड़ियों के लिए E20 एमिशन टेस्ट सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा.
Q5 नए नियमों पर सुझाव कहां और कब तक दिए जा सकते हैं?
MoRTH ने सभी स्टेकहोल्डर्स से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं.